लोकसभा चुनाव 2024, दूसरा चरण ! किसका पलड़ा रहा भारी!!! Lok Sabha Election 2024 (Phase 2)

दूसरे चरण के चुनाव में किसका पलड़ा रहा भारी???



लोकसभा चुनाव 2024 के दूसरे चरण की प्रमुख बातें- 

18वी लोकसभा चुनाव में इस तपती कड़कती 40° के तापमान में  मतदान 64.7% तक पहुंच गया , जो 2019 में 69.4% था। 26 अप्रैल, शुक्रवार के दिन चरण 2 के चुनाव में 13 राज्यों और केंद्र शासित जम्मू - कश्मीर के 88 लोकसभा क्षेत्रों में मतदान किया गया। बाहरी मणिपुर के 4 उम्मीदवारों सहित 1200 से अधिक उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे है। 543 सीटों में से 190 सीटों पर चुनाव हो गया


 

त्रिपुरा, राजस्थान,महाराष्ट्र,उत्तर प्रदेश,मणिपुर,बिहार,मध्य प्रदेश में मतदान के हाल :

त्रिपुरा -  चुनाव आयोग के मतदान ऐप के अनुसार, त्रिपुरा में सबसे अधिक 79.6% मतदान दर्ज किया गया , जो कि 2019 लोकसभा चुनाव से काफी कम हैं।

उत्तर प्रदेश - यूपी (8 सीट) में सबसे कम 54.8% मतदान ही हुआ।

मणिपुर - मणिपुर (6 सीट) में इस बार 9% से ज्यादा की गिरावट पाई गई। यहां 2019 में 67.6% की तुलना में केवल 58.3% मतदान हुआ।

महाराष्ट्र - यहां (8 सीट) में लगभग 55.73% मतदान दर्ज किया गया।

बिहार -  बिहार (5 सीट) में  दोपहर तक 33.80% मतदान पाया गया ।

राजस्थान - राजस्थान में P.M मोदी जी ने एक भाषण के दौरान "मुस्लिम महिलाओं को मंगलसूत्र बाटने की बात कही"। जिसके बाद उनके बयान से काफी विवाद पैदा हो गया । शीयासी लड़ाईयों ने BJP को कमजोर कर दिया। लोगों में हिसंक की भावना आ गई और मतदान की प्रतिशत काफी गिर गया हालांकि फिर भी लोग वोट देने घरों से बाहर निकले और मतदान किया ।


                                              पिछले 10 सालों से यहां 25 के 25 सीटों में BJP का सत्ता चल रहा है। 2019 में BJP का वोट शेयर करीब 59% था वहीं कांग्रेस का वोट शेयर केवल 35% था। देखना ये होगा की क्या इस चुनाव में कांग्रेस पलटवार कर 25% के फासले को कम कर अपनी विजय पताका फहरा पाएगी। खीर परिणाम तो वक्त ही बता पाएगा । 

आइए आगे जानते हैं कुछ दिलचस्प बातें !

पाक विस्थापितों ने 2024 चुनाव में भारत में डाला पहला वोट :

पाकिस्तान के सिंध इलाके में सिंघार जिले से स्थानीय जमींदारों द्वारा शोषण करने से परेशान होकर वहां से भाग गए और भारत में आकर बस गए। इस भील परिवार (कुल 11 सदस्य 2009 और 2011 के बीच तीन बेचो में आय) को जैसलमेर जिला कलेक्टर से नागरिकता प्रमाण पत्र प्राप्त करते अभी मुस्किल से 40 दिन ही हुए थे कि परिवार के 5 सदस्यों ने शुक्रवार, 26 अप्रैल को लोकसभा चुनाव में पहली बार भारतीय नागरिक के रूप में अपना वोट दिया ।



मतदान के दौरान 1 अधिकारी व 4 अन्य लोगों की मौत:

26 अप्रैल , शुक्रवार के दिन लोकसभा चुनाव के दौरान, कर्नाटक में एक मतदान अधिकारी सहित एक वोटर की मौत हो गई। वही चित्रदुर्ग जिले में मतदान केंद्र पर चुनाव ड्यूटी के दौरान सरकारी स्कूल की 55 वर्षीय शिक्षिका यशोदम्मा बूथ के अंदर बेहोश हो गई। सरकारी अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने, दिल की धड़कन अचानक रुकने से, मृत्यु का कारण बताया। साथ ही राजस्थान में 2 मतदाताओं की जान चली गई।

चुनावी दौर में प्रतियशीयो के बीच कुछ आपत्तिजनक मामले दर्ज:

बीजेपी के M.P तेजस्वी सूर्या के खिलाफ बेंगलुरु में कथित तौर पर धर्म को आधार बनाकर वोट मांगने के आरोप में "कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ट्विटर पर पोस्ट करते हुए कहा " - जयनगर पुलिस स्टेशन में IPC धारा 124(3) के अनुसार, ' उनके ट्विटर हैंडल पर एक विवादित वीडियो पोस्ट करने व धर्म के नाम पर वोट मांगने के लिए ' आपराधिक मामला दर्ज किया गया। साथ ही चुनाव आयोग ने वरिष्ठ BJP नेता सी.टी रवि को भी कथित तौर पर नफरत व शत्रुता को बढ़ावा जैसे भाषण देने के मामले में नोटिस दिया गया था।

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क्या नोटा एक काल्पनिक उम्मीदवार हो सकता है? देखिए सुप्रीम कोर्ट का फैसला:

26 अप्रैल, 2024 को सुप्रीम कोर्ट , प्रेरक वक्ता व लेखक शिव खेड़ा द्वारा उठाए गए एक पेचीदा लेकिन रोचक सवाल की जांच को, राजी दी गई। शिव खेड़ा ने कहा - चुनाव आयोग को EVM पर नोटा (उपरोक्त में से कोई नहीं) विकल्प को एक काल्पनिक प्रत्यासी के रूप में मानना चाहिए, इसकी उम्मीदवारी को प्रचारित करना चाहिए व यदि नोटा को सबसे अधिक वोट मिलता है तो मैदान में उतरे प्रतियासियो को 5 साल तक चुनाव लडने से रोका जाना चाहिएCJI DY Chnadrachud, Justic J.B Pardiwala और Justic Manoj Mishra की टीम शुरू में खेड़ा की इस जनहित याचिका पर विचार करने के लिए मना कर दिया परंतु बाद में इसपे अपना फैसला दिया। 

                                             यह सवाल पूछने का एक ओर विशेष कारण ये था कि सूरत में भाजपा उम्मीदवार मुकेश कुमार दलाल को छोड़कर अन्य सभी 8 उम्मीदवारों ने, नामांकन से ठीक एक दिन पहले चुनाव निर्वाचन आयोग से अपना नाम वापस ले लिया, जिसके कारण मुकेश कुमार दलाल को बिना चुनाव लडे विजय घोषित कर दिया गया था।



                                             वरिष्ट वकील गोपाल शंकर नारायणन ने कहा - अगर BJP उम्मीदवार ने, काल्पनिक उम्मीदवार के रूप में नोटा के साथ चुनाव लडा होता, तो सरकार के प्रति लोगों के विचारों का पता चल जाता ।

                       जय हिंद , वंदे मातरम 






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